फरह (मथुरा)। ब्रज की पावन रज में स्थित जोधपुर झाल झील इन दिनों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की चहचहाहट से गुलजार है। बृजतीर्थ विकास परिषद के सहयोग से विकसित हो रही यह झील विदेशी सैलानियों और बर्ड वॉचर्स के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है।
इंग्लैंड से पहुंचे वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर
इंग्लैंड के वन्यजीव फोटोग्राफर ऐश्ले बून ने जब दिल्ली में इस झील के बारे में सुना तो वे स्वयं को रोक नहीं पाए। नेचर गाइड गजेन्द्र सिंह और टूर ऑपरेटर विनोद गोस्वामी के साथ जोधपुर झाल पहुंचकर उन्होंने पक्षी अवलोकन किया।
ऐश्ले बून ने बताया“मैंने जितना सुना था, यह स्थान उससे कहीं अधिक समृद्ध और सुंदर है। मात्र दो घंटे में 72 प्रजातियों के पक्षी देखना मेरे लिए अत्यंत सुखद और अविस्मरणीय अनुभव है।”
प्रवासी पक्षियों की भरमार
झील पर इस समय नॉर्दन पिनटेल, नॉर्दन शोवलर, गेडवाल, बार-हेडेड गूज, ग्रे-लैग गूज, कॉमन टील, टफ्टिड डक, कॉमन पोचार्ड, कॉमन कूट, सिट्रिन वेगटेल, ब्लूथ्रोट, साइबेरियन स्टोनचैट, ग्रेटर स्पॉटेड ईगल और मार्श हैरियर जैसे अनेक प्रवासी पक्षी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं।
बीआरडीएस संस्था के ईकोलॉजिस्ट डॉ. के. पी. सिंह के अनुसार, जोधपुर झाल झील अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है और ईको-टूरिज्म को नई दिशा दे रही है।
पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन का संगम
जोधपुर झाल झील प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग साबित हो रही है। यहां बढ़ती विदेशी सैलानियों की संख्या ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर रही है, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ मुकेश सैनी
गुजरात प्रवासी न्यूज, मथुरा

