गुजरात प्रवासी न्यूज़ | अहमदाबाद
विशेष विस्तृत रिपोर्ट
नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक चुनावी भाषण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल 2026 को कोलकाता के चौउरंगी क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान ममता बनर्जी द्वारा कथित रूप से “चमार” शब्द का प्रयोग किया गया, जिसे अनुसूचित जाति समुदाय के प्रति अपमानजनक माना जा रहा है। इस टिप्पणी को लेकर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(s) के तहत दंडनीय अपराध बन सकता है। इस कानून के तहत किसी भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति या समुदाय के प्रति सार्वजनिक रूप से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि आयोग अनुसूचित जातियों के संवैधानिक अधिकारों और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस तरह की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने राज्य में अनुसूचित जातियों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई है।
इस मुद्दे के सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इस टिप्पणी को लेकर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है, जबकि उनके समर्थकों का कहना है कि बयान को संदर्भ से अलग कर पेश किया जा रहा है।
सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अध्यक्ष किशोर मकवाना के नेतृत्व में आयोग इस पूरे मामले की लगातार निगरानी कर रहा है। आयोग का कहना है कि राज्य सरकार से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की उचित और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह मामला न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील है। आने वाले दिनों में आयोग की जांच रिपोर्ट और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट:
गुजरात प्रवासी न्यूज़ ब्यूरो, अहमदाबाद
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