‘‘ऋषि साहित्य व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु मार्गदर्शन करता है।” –उमानंद शर्मा
गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘अशोक महाविद्यालय, गंज मुरादाबाद, उन्नाव, उ0प्र0 ’’ के केन्द्रीय पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 429वाँ ऋषि वांड़मय की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार के सक्रिय कार्यकर्ता श्री प्यारे मोहन श्रीवास्तव एवं उनकी पत्नी श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव ने अपने पूज्य माताजी स्व० श्रीमती सुशीला देवी एवं पिताजी स्व० उदय शंकर लाल की स्मृति में भेंट किया तथा सभी छात्र-छात्राओं, संकाय सदस्यों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को (हिन्दी) अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की।


इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ऋषि साहित्य व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु मार्गदर्शन करता है।” डा० नीलम गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का समापन संस्थान के प्रबंधक श्री विवेक सिंह पटेल ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया।

इस अवसर पर श्री उमानंद शर्मा, डा० नीलम गुप्ता, श्रीमती सुमन पाण्डेय, श्रीमती पदमा गुप्ता, संस्थान के प्रबन्धक श्री विवेक सिंह पटेल, श्री अवधेश कुमार बी0एड0 विभाग, श्री अरविन्द कुमार एवं श्री सत्यनारायण जी डी0एल0एड0 विभाग, श्री राम सेवक वर्मा बी0एड0 विभाग एवं श्री सुशील कुमार प्रशासनिक अधिकारी सहित महाविद्यालय की छात्र-छात्रायें मौजूद थे।
गुजरात प्रवासी न्यूज़ अहमदाबाद


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