राहुल शर्मा, गुजरात प्रवासी न्यूज,
मथुरा से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच और उपचार को लेकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
मथुरा के डैम्पियर नगर स्थित आईएमए भवन में एचआईवी रोकथाम एवं उपचार को लेकर एक संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने की। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। साथ ही जोखिम समूह के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।
इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और समय पर इलाज से एचआईवी जैसी बीमारियों के प्रसार को रोका जा सकता है।
फिलहाल सभी प्रतिभागियों ने जनपद में एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
मथुरा। जनपद में एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच और उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को डैम्पियर नगर स्थित आईएमए भवन में एक संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने की। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों को एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार से जुड़ी अहम जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल, डॉ. ऋतु रंजन, डॉ. रोहताश, डॉ. अनुज चौधरी, डॉ. सिद्धार्थ धनगर, बृजभान गोस्वामी तथा नेहरू युवा केन्द्र से रामवीर शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में दिशा इकाई से शाइस्ता बदर और ललित ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जोखिम समूह के लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को जांच, परामर्श, उपचार तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर कार्य किया जा रहा है, जिससे रोग की समय पर पहचान और उसके प्रसार को रोकना संभव होगा।
कार्यक्रम में जनपद के चिकित्सा अधीक्षक, अपर एवं उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी, पीपीएसए, डब्ल्यूएचपी तथा एचएलएफपीपीटी योजना के प्रतिनिधि, मथुरा, फरह और वृन्दावन स्थित परामर्श एवं जांच केन्द्रों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे। इसके अलावा एआरटी केन्द्र के प्रभारी डॉ. धनगर, एटीआई क्लीनिक के कर्मचारी, एडेंट संस्था के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी संगठनों के सदस्य भी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता ने कहा कि समाज में एचआईवी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। कई बार जानकारी के अभाव या सामाजिक संकोच के कारण लोग समय पर जांच नहीं करा पाते, जिससे बीमारी के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सभी विभागों और संस्थाओं को मिलकर लोगों को जागरूक करने और उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय प्रयास करने चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधावल्लभ ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। समय पर जांच और उपचार से एचआईवी जैसी बीमारियों की रोकथाम संभव है।
वहीं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि एचआईवी और क्षय रोग दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं और कई मामलों में दोनों के बीच संबंध भी पाया जाता है। इसलिए जोखिम समूह के लोगों की नियमित जांच और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन नेहरू युवा ग्रामीण विकास संस्थान के श्याम बाबू शुक्ला ने किया। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने जनपद में एचआईवी की रोकथाम तथा लोगों को समय पर जांच और उपचार के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।



आईएमए भवन, मथुरा में आयोजित एचआईवी जागरूकता कार्यशाला में मौजूद अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी।
रिपोर्ट: राहुल शर्मा
चैनल हेड: गुजरात प्रवासी न्यूज
स्थान: मथुरा, उत्तर प्रदेश

