जयपुर | गुजरात प्रवासी न्यूज (अहमदाबाद)
अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा भवन, शास्त्री नगर, जयपुर में समाज के आराध्य संत संत सुंदरदास जी महाराज की 430वीं जयंती बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर महासभा भवन में स्थित संत सुंदरदास जी बलरामदास जी मंदिर को फूल-मालाओं से आकर्षक रूप से सजाया गया तथा विधिवत पूजा-अर्चना और आरती कर संत जी को नमन किया गया। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश चंद्र गुप्ता तूंगावाला, मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजीव कुमार कट्टा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
इसके अलावा आजीवन संरक्षक, कार्यकारिणी सदस्य, संयोजक तथा विभिन्न समितियों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता निभाई और आयोजन को सफल बनाया।
उपस्थित वक्ताओं ने संत सुंदरदास जी के जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भक्तिकाल का महान संत कवि बताया।
उनकी विद्वता और गहन अध्ययन के कारण उन्हें “हिंदी साहित्य का शंकराचार्य” कहा जाता है। वे संस्कृत, दर्शन और व्याकरण के प्रकांड विद्वान थे। उनकी प्रसिद्ध कृति सुन्दरविलास में ज्ञान और भक्ति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान समाज बंधुओं ने संत सुंदरदास जी के आदर्शों को अपनाने और समाज में एकता, सद्भाव एवं संस्कारों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ
गुजरात प्रवासी न्यूज, अहमदाबाद

