रुड़की, हरिद्वार (उत्तराखंड)। जिला प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान (डायट) रुड़की सभागार में प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के नीतिगत एवं विकासात्मक आधार तथा आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर आधारित ‘उत्तरा मॉड्यूल’ पर आयोजित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम चरण का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
इस प्रशिक्षण में रुड़की एवं भगवानपुर क्षेत्र की 71 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता की, जिनमें से 12 को संदर्भदाता के रूप में तैयार किया गया।
बाल मनोविज्ञान और आधारभूत साक्षरता पर विशेष फोकस
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सरस्वती पुंडीर ने बताया कि पाँच दिनों के दौरान प्रतिभागियों ने बाल मनोविज्ञान एवं आधारभूत साक्षरता के सातों घटकों पर गतिविधियाँ तैयार कर प्रस्तुतिकरण किए।
संख्या पूर्व अवधारणाओं—वर्गीकरण, पैटर्न, संख्या पहचान एवं संख्या लेखन—पर एल.टी.एम. (Learning Teaching Material) तैयार कर प्रभावी ढंग से प्रस्तुति दी गई।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप मॉड्यूल
कार्यक्रम सह-समन्वयक डॉ. अनीता नेगी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं NCF 2022 की मंशा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि को-लोकेटेड बाल वाटिकाओं में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एससीएफएफएस 2023 एवं राष्ट्रीय ECCE पाठ्यक्रम 2024 (आधारशिला) को सम्मिलित करते हुए ‘उत्तरा मॉड्यूल’ राज्य स्तर पर तैयार किया गया है।
उन्होंने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अनुशासन, सीखने की ललक एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना की।
धरातल पर क्रियान्वयन का संकल्प
सभी प्रतिभागियों ने विश्वास दिलाया कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को वे व्यवहारिक रूप से लागू करेंगी तथा 5–6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल.टी.एम. के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा के लिए तैयार करेंगी। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण अवधि बढ़ाने का सुझाव भी दिया।
कार्यक्रम में वंदना, सरोज बाला, मूर्ति, ममता, विमल, जूली, शिवा, गुल शाना, सीमा, मंजू सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: सह संपादक डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
गुजरात प्रवासी न्यूज, हरिद्वार

