ब्यूरो रिपोर्ट | गुजरात प्रवासी न्यूज | अहमदाबाद
अहमदाबाद के मेघानी नगर क्षेत्र में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है, लेकिन इसका सबसे अधिक असर श्रमिक वर्ग पर देखने को मिल रहा है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और ऐसे में खुले आसमान के नीचे काम कर रहे मजदूरों की हालत बेहद दयनीय हो गई है।
निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक सुबह से शाम तक कड़ी धूप में काम करने को विवश हैं। न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था है और न ही ठंडे पानी की सुविधा। विश्राम के लिए भी सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।
महिला श्रमिकों की स्थिति और भी चिंताजनक है। कई महिलाएं अपने नवजात बच्चों को साथ लेकर काम कर रही हैं।
तेज गर्मी के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ गया है।
एक महिला श्रमिक ने बताया:“बच्चे को घर पर छोड़ने का कोई साधन नहीं है, इसलिए साथ लाना पड़ता है। गर्मी बहुत ज्यादा है, लेकिन काम न करें तो गुजारा नहीं होगा।”
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निर्माण स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता जताई है।
मुख्य समस्याएं इस प्रकार हैं:
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छाया और विश्राम स्थल का अभाव
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स्वच्छ पेयजल की कमी
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प्राथमिक चिकित्सा सुविधाओं का अभाव
ये स्थितियां श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
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कार्य समय में बदलाव कर सुबह और शाम की शिफ्ट लागू की जाए
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सभी निर्माण स्थलों पर ठंडा पानी और छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
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महिला श्रमिकों और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं



