अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। अखिल भारतीय विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में गायत्री शक्तिपीठ रामकोट अयोध्या द्वारा स्वामी कुंज देवकाली में पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ, दीप महायज्ञ एवं विभिन्न संस्कारों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गायत्री परिजनों ने सहभागिता कर धर्म, संस्कार और लोकमंगल का संदेश ग्रहण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षा मंत्री अनिल कुमार तिवारी ने मां गायत्री के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण और यज्ञ की दिव्य आहुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
मीडिया प्रभारी नीलम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनकल्याण, पर्यावरण परिष्कार और लोकमंगल की भावना के साथ गायत्री परिवार द्वारा पूरे देश में इस वर्ष को शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में गांव, कस्बों और मोहल्लों में गायत्री यज्ञ, दीप यज्ञ एवं विभिन्न संस्कार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इसी अभियान के तहत देवकाली शाखा द्वारा स्वामी कुंज मोहल्ले में मनीराम वर्मा के आवास पर यह आयोजन संपन्न कराया गया। कार्यक्रम का संचालन गायत्री शक्तिपीठ अयोध्या के व्यवस्थापक राम केवल यादव के मार्गदर्शन में हुआ।
यज्ञ का संचालन पंडित विजय शंकर पांडे ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों के महत्व से अवगत कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि संस्कार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. एस.बी. सिंह, चंदन सिंह, दीपू पांडे, मारकंडे पाल सहित बड़ी संख्या में गायत्री परिजन एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। अंत में विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की कामना के साथ यज्ञ पूर्णाहुति संपन्न हुई।
रिपोर्ट : डॉ. आलोक कुमार द्विवेदी
गुजरात प्रवासी न्यूज़, हरिद्वार

