कानपुर।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से सर्वोदय नगर स्थित सुदर्शन बस्ती में सर्व समाज हिंदू संगम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुदर्शन बस्ती के निवासियों के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. वीरेंद्र सिंह, पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ने अपने संबोधन में कहा कि जातिवाद हिंदू समाज के लिए अभिशाप है। उन्होंने समाज की एकता को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए सामाजिक समरसता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सभा की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी यज्ञ शुक्ल ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि “यदि हिंदू समाज कमजोर होगा, तो देश भी विभाजित होगा।” उन्होंने आपसी भाईचारे, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रहित में संगठित रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की विशेष वक्ता श्रीमती इंदु शर्मा ने नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जाति-पांति की दीवारें तोड़ने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने दिव्यांगजनों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा रोजगार उपलब्ध कराने के अपने अनुभव साझा किए, जिससे समाज में समानता और सम्मान की भावना सुदृढ़ होती है।
सर्व समाज हिंदू संगम के अंतर्गत सेवा कार्यों को भी विशेष महत्व दिया गया। इस अवसर पर जरूरतमंद महिलाओं को कंबल वितरित किए गए, बच्चों को स्टेशनरी सामग्री प्रदान की गई तथा ठंड से बचाव हेतु कुछ लोगों को गर्म कोट भी वितरित किए गए। इन सेवा गतिविधियों से समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
समग्र रूप से यह आयोजन सामाजिक एकता, समरसता और सेवा-भाव का सशक्त संदेश देने वाला रहा। उपस्थित नागरिकों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज को जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
ब्यूरो चीफ
किशोर मोहन गुप्ता
गुजरात प्रवासी न्यूज़ | कानपुर

