आज जब पूरा देश 77वें गणतंत्र दिवस के उत्साह और गौरव से सराबोर है, उसी कड़ी में गिर (पूर्व) वन विभाग-धारी द्वारा राष्ट्रप्रेम और पर्यावरण संरक्षण के श्रेष्ठ उद्देश्य के साथ इस राष्ट्रीय पर्व की भव्य और प्रेरणादायी रूप से मनाया गया। यह आयोजन धारी के प्रसिद्ध अंबरडी सफारी पार्क में संपन्न हुआ, जिसमें वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, स्थानीय गणमान्य नागरिकों एवं समाज के विभिन्न वर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विकास यादव, उप वन संरक्षक, गिर (पूर्व)-धारी द्वारा प्रातः 8:30 बजे ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “राष्ट्र सर्वोपरि है और जीवमात्र की रक्षा करना हमारी मूलभूत जिम्मेदारी है।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूरे भारतवर्ष में एशियाई सिंहों की सर्वाधिक संख्या अमरेली जिले में पाई जाती है, जो वन विभाग की सतत मेहनत और जनसहयोग का गौरवपूर्ण परिणाम है।
इस कार्यक्रम की विशेष पहचान वन विभाग और जंगल के परंपरागत रक्षक माने जाने वाले मालधारी समुदाय के बीच मधुर और अटूट संबंधों की झलक रही। मंच पर नाथाभाई मालधारी को विशेष सम्मान देकर मालधारी समाज के प्रति वन विभाग ने अपना आदर और विश्वास प्रकट किया।
इस अवसर पर मानद वन्यजीव वार्डन महावीर बापू, ACF पी. एन. चांदू, एन. पी. लकुम सहित गिर (पूर्व) के सभी RFO एवं अन्य अधिकारी पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) तथा पत्रकार साथियों को प्रशंसा पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस आयोजन में सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय निवासी, एनजीओ तथा बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लेकर “पर्यावरण की सुरक्षा ही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है” का संकल्प लिया। संपूर्ण कार्यक्रम ने राष्ट्रीय एकता के साथ वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति प्रेम का सशक्त संदेश दिया।
रिपोर्ट: सतीश बी. पांडे
गुजरात प्रवासी न्यूज़, अहमदाबाद

