रिपोर्ट: राहुल शर्मा, चैनल हेड
गुजरात प्रवासी न्यूज़, मथुरा
मथुरा। प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद मथुरा में चल रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों का लगातार सहयोग प्राप्त हो रहा है। इसी क्रम में अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट ने जिला क्षय रोग केंद्र, मथुरा पर 50 क्षय रोगियों को पोषण सामग्री वितरित कर मानव सेवा और सामाजिक दायित्व का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें नियमित रूप से दवाओं का सेवन करने, चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने तथा सकारात्मक सोच के साथ उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति पाने के लिए दवा के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार भी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर अंजना फाउंडेशन पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. दीपक चतुर्वेदी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को समय पर उपचार और पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनका मनोबल बढ़ाना भी बेहद जरूरी है। समाज के सक्षम लोगों, उद्योगपतियों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को आगे आकर टीबी मरीजों की सहायता करनी चाहिए।
उन्होंने उपस्थित लोगों से ‘निक्षय मित्र’ बनने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक क्षय रोगियों को गोद लेकर उनके पोषण और उपचार में सहयोग प्रदान किया जाए। इससे मरीजों को बीमारी से लड़ने की शक्ति मिलेगी और वे जल्द स्वस्थ हो सकेंगे।
डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया टीबी मुक्त भारत अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनने की क्षमता रखता है। जब समाज और सरकार मिलकर कार्य करेंगे, तभी देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय में हासिल किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अंजना फाउंडेशन भविष्य में भी जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से क्षय रोगियों को जागरूक करते हुए कहा गया कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। यदि मरीज समय पर दवा लेते हैं, पौष्टिक आहार का सेवन करते हैं और चिकित्सकीय सलाह का पालन करते हैं तो वे पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। मरीजों को स्वस्थ होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने अंजना फाउंडेशन द्वारा किए गए इस सामाजिक कार्य की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 100 दिवसीय टीबी खोज अभियान के दौरान मरीजों की पहचान, जांच और उपचार के साथ-साथ पोषण सहायता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से मरीजों को उपचार पूरा करने में मदद मिलती है तथा उनकी स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया तेज होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज के सहयोग से ही टीबी मुक्त मथुरा और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भूदेव भी उपस्थित रहे। अंजना फाउंडेशन की ओर से पंकज चतुर्वेदी, नितिन, राधा एवं नीरज ने सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं जिला क्षय रोग केंद्र मथुरा की ओर से शिव कुमार, अखिलेश दीक्षित, बिहारी लाल, योगेश दिवाकर, मयंक, नेहा, कविता एवं निश्चल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने, संदिग्ध रोगियों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करने तथा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आने का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त कर स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।
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राहुल शर्मा, चैनल हेड
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