₹20,667 करोड़ की परियोजना को केंद्र सरकार की ऐतिहासिक मंजूरी
गांधीनगर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गुजरात को देश का पहला स्वदेशी तकनीक आधारित ब्रॉड गेज सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर देने की ऐतिहासिक मंजूरी प्रदान कर दी है। अहमदाबाद के सरखेज से धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र तक बनने वाला 134 किलोमीटर लंबा डबल लाइन रेल कॉरिडोर भारतीय रेलवे के इतिहास में तकनीकी क्रांति माना जा रहा है। लगभग ₹20,667 करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना पर अत्याधुनिक “नमो भारत” ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
अहमदाबाद में आयोजित पत्रकार परिषद में गुजरात सरकार के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास तथा पश्चिम रेलवे अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि रेलवे देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है और यह परियोजना गुजरात की औद्योगिक, आर्थिक तथा लॉजिस्टिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात सरकार द्वारा 22 गांवों की सैकड़ों एकड़ भूमि अधिग्रहित कर इस महत्वाकांक्षी रेल कॉरिडोर को विकसित किया जा रहा है।
यह सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर अहमदाबाद, धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र, आगामी धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। परियोजना में ट्रेन की डिजाइन गति 220 किलोमीटर प्रतिघंटा तथा परिचालन गति 200 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की गई है। इस कॉरिडोर पर कुल 13 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे।
परियोजना के अंतर्गत 3 बड़े पुल, 74 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट, 39 सड़क अंडर ब्रिज तथा 2 रेल ओवर रेल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। कुल ट्रैक लंबाई लगभग 293 किलोमीटर होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस मेगा परियोजना को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अहमदाबाद–धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना “नए भारत” की आधुनिक, तेज और आत्मनिर्भर परिवहन व्यवस्था का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आत्मनिर्भर भारत के विजन को नई गति दे रहा है और यह परियोजना भविष्य में देशभर में सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विस्तार की आधारशिला सिद्ध होगी।
मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में स्वीकृत यह परियोजना गुजरात के औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी। साबरमती, गांधिग्राम और वस्त्रापुर स्टेशनों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जबकि साबरमती स्टेशन पर बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी भी उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त मोरैया–साणंद क्षेत्र में समर्पित मालवाहक रेल गलियारे तथा भीमनाथ लॉजिस्टिक हब से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा।
मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि यह दुनिया का पहला ब्रॉड गेज सेमी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर होगा, जहां 220 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन संचालन किया जाएगा। अब तक अधिकांश सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें स्टैंडर्ड गेज ट्रैक पर संचालित होती रही हैं, लेकिन भारत पहली बार ब्रॉड गेज नेटवर्क पर यह उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा प्रोजेक्ट “मेक इन इंडिया” तकनीक पर आधारित होगा तथा ट्रेनों में अत्याधुनिक “कवच 5.0” सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय घटकर एक घंटे से भी कम रह जाएगा। साथ ही धोलेरा क्षेत्र को सीधे अहमदाबाद–मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।
परियोजना के प्रमुख लाभ
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284 गांवों तथा 5 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ
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प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख टन अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता
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लॉजिस्टिक लागत में प्रतिवर्ष लगभग ₹54 करोड़ की बचत
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निर्माण चरण में लगभग 91 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजन
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प्रतिवर्ष लगभग 0.48 करोड़ लीटर ईंधन की बचत
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लगभग 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी
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साबरमती, गांधिग्राम तथा वस्त्रापुर स्टेशनों का मेट्रो नेटवर्क से एकीकरण
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साबरमती स्टेशन पर बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी
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समर्पित मालवाहक रेल गलियारे तथा भीमनाथ लॉजिस्टिक हब से सीधा जुड़ाव



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