मांट। कृषि विभाग ने भूमि की गिरती उर्वरता और रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों को देखते हुए किसानों को जागरूक करने की कवायद तेज कर दी है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डा. संतोष कुमार सिंह ने तहसील मांट में अधीनस्थ अधिकारियों और खाद-बीज वितरण केंद्र संचालकों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती मां को बचाने के लिए रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग और जैविक खाद को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यूरिया जैसी रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से भूमि की उर्वरता लगातार घट रही है और यदि यही स्थिति रही तो भूमि के बंजर होने का खतरा बढ़ जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रासायनिक खाद पानी में घुलकर भूजल तक पहुंचती है, जिससे पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और इसके गंभीर परिणाम सामने आ रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने कहा कि रासायनिक खादों से उगाए गए चारे का असर पशुओं के दूध के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। देश के युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को सजग रहना होगा।
उन्होंने बताया कि संयुक्त निदेशक के निर्देशन में फार्मर आईडी बनाई जा रही है, जिससे खाद वितरण विशेषकर यूरिया की खपत की निगरानी की जा सके और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। खाद एवं बीज वितरण केंद्रों के संचालकों को भी किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीओ कृषि रनवीर सिंह, एएआई मांट मिट्ठन लाल, एटीएम मांट राज कुमार, मुकेश कुमार, लेखपाल मांट राजा व मूला रिंकू सिंह, पंचायत सचिव धीरेंद्र सिंह, नगेंद्र सिंह सहित दर्जनों खाद-बीज वितरण केंद्रों के प्रभारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ मुकेश कुमार सोनी, गुजरात प्रवासी न्यूज

