भुज, कच्छ।
गुजरात सरकार के खेल, युवा और सांस्कृतिक गतिविधि विभाग द्वारा आयोजित ‘अपनी सरहद पहचानो’ कार्यक्रम कच्छ में अत्यंत प्रभावशाली रूप से संचालित हो रहा है। यह कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक दायित्व और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
इस वर्ष पूरे गुजरात के 29 जिलों से कुल 100 युवक-युवतियां चयनित होकर 10 दिवसीय दौरे पर कच्छ की अंतर्राष्ट्रीय सीमा और सांस्कृतिक धरोहरों को जानने पहुंचे हैं। यह दौरा 3 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य: युवाओं में राष्ट्रभक्ति और जागरूकता का संचार
जिला युवा और सांस्कृतिक गतिविधि कार्यालय, भुज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य—
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युवाओं को राष्ट्र की सीमाओं की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना
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अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात जवानों के जीवन, त्याग और कर्तव्य को समझाना
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कच्छ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला-कारीगरी, पुरातात्विक धरोहर और जीवनशैली से परिचित कराना
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युवाओं में राष्ट्र सेवा और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान जागृत करना
यह कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है, जो भविष्य में उन्हें उत्तरदायी नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है।
कच्छ और बनासकांठा के 22 प्रमुख स्थलों का भ्रमण
युवक-युवतियां कुल 22 महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर रहे हैं, जिसमें सीमांत क्षेत्र, सांस्कृतिक स्थल और धार्मिक-ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं।
सीमांत एवं रणनीतिक स्थान
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खरदोई पोस्ट, अंतर्राष्ट्रीय सीमा
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सफेद रण – धोरडो
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जखौ पोर्ट
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नडाबेट सीमा दर्शन (सुई गांव, बनासकांठा)
यहाँ BSF एवं सेना के जवान युवाओं को सीमा सुरक्षा, उपकरण, पेट्रोलिंग, तैनाती और चुनौतियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
ऐतिहासिक व पुरातात्विक स्थल
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धोलावीरा (विश्व धरोहर स्थल)
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लखपत फोर्ट
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कोटेश्वर–नारायण सरोवर
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कालो डूंगर
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धार्मिक व सांस्कृतिक स्थल
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माता ना मढ़
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व्रजवाणी एकल माता
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रवेची धाम
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वागड़ क्षेत्र
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मेकणदादा स्थानक ध्रग
प्राकृतिक और तटीय क्षेत्र
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मांडवी बीच
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मेरिया नेचर ज़ोन
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चोबारी क्षेत्र
इन स्थानों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शकों द्वारा युवाओं को स्थल, इतिहास, संस्कृति, पर्यावरण और सुरक्षा महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
कच्छ की कला, संस्कृति और जीवनशैली से परिचय
इस अभियान में युवाओं को कच्छ की विशिष्ट कला-शैली और आजीविका आधारित कारीगरी का भी ज्ञान कराया जा रहा है, जैसे—
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कच्छी भरत गुंथाण (सूक्ष्म कढ़ाई कला)
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लकड़ी की नक्काशी
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मिट्टी कला (Terracotta & Pottery)
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कच्छी लोक संगीत और नृत्य परंपराएँ
इन गतिविधियों से युवा क्षेत्रीय सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं का महत्व समझ पा रहे हैं।
सीमा पर तैनात जवानों के जीवन से प्रेरणा
युवाओं को BSF एवं अन्य सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा—
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सीमा की रक्षा में आने वाली चुनौतियों
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कठिन मौसम
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दूरस्थ क्षेत्र में तैनाती
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राष्ट्र सुरक्षा के लिए उनका समर्पण
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तकनीकी और सामरिक उपकरणों का उपयोग के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
जवानों की वीरता और उनके अनुशासन से युवा अत्यधिक प्रेरित हो रहे हैं।
सफल संचालन में जुटी टीम
कार्यक्रम जिला युवा विकास अधिकारी देवांशोबेन गढ़वी के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।
प्रमुख टीम सदस्यों में
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प्रांतीय युवा विकास अधिकारी नरसिंहभाई गागल
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सीनियर क्लर्क योगेशभाई आचार्य
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इंस्ट्रक्टर: रामजीभाई मेरिया, सतीशभाई पांडे, अरविंद पड़ालिया, किशोरभाई हेडव, रसीदभाई समा, शांतिबेन सोलंकी
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समन्वयक: देवेनसिंह वाला
इन सभी की संयुक्त मेहनत से पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित और प्रभावी स्वरूप मिला है।
‘अपनी सरहद पहचानो’ कार्यक्रम गुजरात सरकार की एक सराहनीय पहल है, जो युवाओं को—
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राष्ट्र की सीमाओं का प्रत्यक्ष अनुभव
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सेना के प्रति सम्मान
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सांस्कृतिक पहचान
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देशभक्ति और सामाजिक दायित्व से जोड़ते हुए जिम्मेदार और जागरूक नागरिकता की दिशा में प्रेरित करता है।

