कानपुर।
कानपुर नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी किए गए टेंडर संख्या डी/एसडब्लूए/एनएसए (ए)/2025-26 के विरोध में उत्तर प्रदेश संयुक्त वाहन चालक कर्मचारी संघ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) द्वारा शुक्रवार को एक आम सभा का आयोजन किया गया। यह बैठक तुलसी उपवन पार्क, मोलोझील में संपन्न हुई, जिसमें नगर निगम के समस्त जोनों एवं मुख्यालय के लिपिक, चालक, स्विचमैन, कंप्यूटर ऑपरेटर तथा बड़ी संख्या में आउटसोर्सिंग कर्मचारी शामिल हुए।
बैठक में संगठन पदाधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया से उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों को प्रमुखता से रखा। इसके उपरांत कर्मचारियों ने महापौर को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए दो प्रमुख मांगों के निस्तारण का आग्रह किया।
संघ के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सिंह ने बताया कि इस टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से नगर निगम की सफाई व्यवस्था को पूरी तरह निजीकरण की ओर ले जाया जा रहा है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर निगम से जेटीएन कंपनी पहले ही कूड़ा उठान का कार्य कर रही है और अब सफाई व्यवस्था को भी निजी हाथों में सौंपा जा रहा है, जिससे स्थायी व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन निजीकरण का पुरजोर विरोध कर रहा है और कर्मचारियों के अधिकारों व रोजगार की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने महापौर से टेंडर प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, लिपिक संवर्ग से राजेंद्र बाल्मीकि सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ब्यूरो चीफ: किशोर मोहन गुप्ता | गुजरात प्रवासी न्यूज़, कानपुर

