रिपोर्ट : किशोर मोहन गुप्ता
ब्यूरो चीफ, गुजरात प्रवासी न्यूज़, कानपुर
कानपुर। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच कानपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शादी कराने के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मुख्य आरोपी रंजिश को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और विभिन्न मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। शादी की तलाश कर रहे युवक-युवतियों और उनके परिजनों को आकर्षक प्रोफाइल दिखाकर संपर्क किया जाता था और बाद में उन्हें विभिन्न प्रकार के शुल्कों के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जाता था।
महिला कॉलर बनकर जीतते थे भरोसा
पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन एक व्यवस्थित कॉल सेंटर की तरह किया जा रहा था। यहां काम करने वाले लोग विशेष प्रशिक्षण लेकर पीड़ितों से बातचीत करते थे। कई मामलों में पुरुष आरोपी महिला बनकर बात करते थे और स्वयं को विवाह परामर्शदाता या मैट्रिमोनियल एजेंसी की प्रतिनिधि बताते थे।
पहले पीड़ितों का विश्वास जीता जाता था, फिर उन्हें बेहतर रिश्ते उपलब्ध कराने, प्रोफाइल सत्यापन, विशेष सदस्यता, रजिस्ट्रेशन, मुलाकात तय कराने और विवाह प्रस्ताव भेजने के नाम पर अलग-अलग शुल्क जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाता था।
एक बार भुगतान होने के बाद नए-नए बहाने बनाकर लगातार धनराशि मांगी जाती थी। जब पीड़ित को ठगी का एहसास होता, तब तक उससे हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले जा चुके होते थे।
पुलिस छापे में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
साइबर क्राइम थाना पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए। बरामद सामग्री से यह संकेत मिलता है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था।
पुलिस ने मौके से—
- 43 मोबाइल फोन
- 40 रजिस्टर
- 8 चेकबुक
- 10 एटीएम कार्ड
- 5 क्यूआर कोड
- कई कंप्यूटर और डिजिटल उपकरण
बरामद किए हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इन दस्तावेजों और उपकरणों से गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और लेन-देन की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
कई राज्यों तक फैला हो सकता है ठगी का जाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गिरोह केवल कानपुर या उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कई राज्यों के लोगों को निशाना बना रहा था।
मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अलग-अलग राज्यों के लोगों से संपर्क कर उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस अब विभिन्न राज्यों से जुड़े संभावित पीड़ितों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।
बैंक खातों और यूपीआई ट्रांजेक्शन की जांच शुरू
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों, यूपीआई आईडी, डिजिटल वॉलेट, मोबाइल डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अब तक कुल कितनी रकम की ठगी की गई और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि बरामद मोबाइल फोन और रजिस्टरों से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचना आसान होगा।
पुलिस कमिश्नर ने लोगों को किया सतर्क
कानपुर के पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर मिले व्यक्ति या संस्था पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज या अन्य भुगतान करने से पहले संबंधित संस्था की सत्यता की जांच अवश्य करें।
तेजी से बढ़ रहे हैं मैट्रिमोनियल फ्रॉड
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार इंटरनेट और ऑनलाइन मैट्रिमोनियल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ विवाह संबंधी साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी आई है। अपराधी भावनात्मक रूप से लोगों को प्रभावित कर उनसे धन ऐंठने का प्रयास करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को केवल सत्यापित और प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करना चाहिए तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाने को देनी चाहिए।
साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता
कानपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, बल्कि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
किशोर मोहन गुप्ता
ब्यूरो चीफ
गुजरात प्रवासी न्यूज़, कानपुर

