अहमदाबाद।
श्रमिक अधिकारों के लिए उठी आवाज़ आखिरकार रंग लाई। वन सेंटर नरोदा और ओढव में सेवाएं दे रहीं महिला सुरक्षा गार्ड कामिनी मिश्रा और शोभना आर. पटेल को ठेकेदार द्वारा पिछले चार महीनों से वेतन नहीं दिया जा रहा था। बार-बार मांग के बावजूद भुगतान से इनकार किया गया।
लेकिन जब दोनों महिला सुरक्षा गार्डों ने अन्याय के खिलाफ खुलकर आवाज़ उठाई, तो मामला वन सेंटर के संज्ञान में आया। तत्काल हस्तक्षेप के बाद आज दोनों श्रमिकों को उनका लंबित भुगतान प्राप्त हो गया।
भुगतान मिलने के बाद दोनों महिला सुरक्षा गार्डों ने कहा कि
“शोषण के खिलाफ चुप रहना समाधान नहीं है। सभी श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठानी चाहिए। आवाज़ उठाओ, शोषण रोको—यही हमारा संदेश है।”
यह मामला साबित करता है कि एकजुटता और साहस से ही श्रमिकों को उनका हक मिल सकता है।
रिपोर्ट: विवेक उपाध्याय गुजरात प्रवासी न्यूज़
स्थान: अहमदाबाद
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आवाज़ उठी तो मिला हक़, महिला सुरक्षा गार्डों को मिला चार माह पुराना वेतन
अहमदाबाद | नरोडा–ओढव वन सेंटर में तैनात महिला सुरक्षा गार्डों ने शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई, ठेकेदार को करना पड़ा लंबित भुगतान


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