सुरीर (जनपद मथुरा)। ग्राम सुरीर स्थित अंबेडकर पार्क में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही पार्क परिसर को तिरंगे और देशभक्ति संदेशों से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई, जिसके उपरांत उपस्थित नागरिकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
इस अवसर पर भारत के संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। वक्ताओं ने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान शिल्पियों के योगदान को स्मरण किया। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर 1949 को संविधान बनकर तैयार हुआ और 26 जनवरी 1950 को इसे पूरे देश में लागू किया गया, जिससे भारत एक संपूर्ण लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन देश औपनिवेशिक कानूनों से पूर्णतः मुक्त होकर संवैधानिक मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व—के मार्ग पर अग्रसर हुआ। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि प्रत्येक नागरिक संविधान में निहित अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करे।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय एकता पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस गरिमामय आयोजन में भंते संघ प्रिय, डॉ. राजेश, डॉ. सोमवीर, दीपक आंबेडकर, जवाहर ठेकेदार, धर्मपाल सिंह, अशोक निमेष, देवी सिंह, नाहर सिंह, जितेंद्र सिंह, उदयवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
ब्यूरो चीफ: मुकेश कुमार सोनी
गुजरात प्रवासी न्यूज,मथुरा

