गुजरात प्रवासी न्यूज़ | बलिया (उ.प्र.)
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुजरात प्रवासी न्यूज़ के चैनल हेड के.के. उपाध्याय ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, वायु, वनस्पति और समस्त जीव-जगत का अस्तित्व एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। यदि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।
उन्होंने वैदिक शांति मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। द्युलोक, अंतरिक्ष, पृथ्वी, जल, औषधियों और वनस्पतियों में शांति की कामना करने वाला वैदिक दर्शन आज के दौर में और भी अधिक प्रासंगिक हो गया है।
के.के. उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, जल संकट और वनों की कटाई पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं। अनियंत्रित औद्योगीकरण, प्लास्टिक प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरण का संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। इसका प्रभाव मानव स्वास्थ्य, कृषि, जैव विविधता और प्राकृतिक आपदाओं के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देना चाहिए। एक पौधा लगाना, जल की बचत करना, प्लास्टिक का कम उपयोग करना, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना तथा स्वच्छता बनाए रखना जैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं से पर्यावरण जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आज हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तभी भविष्य सुरक्षित और समृद्ध बन सकेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पृथ्वी केवल हमारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की भी धरोहर है। इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
अंत में उन्होंने वैदिक शांति मंत्र के साथ समस्त सृष्टि में शांति, समृद्धि और संतुलन की कामना की—
“हे परमात्मा! द्युलोक में शान्ति हो, अन्तरिक्ष में शान्ति हो, पृथ्वी पर शान्ति हो। जल में शान्ति हो, औषधियों में शान्ति हो, वनस्पतियों में शान्ति हो। समस्त देवशक्तियों में शान्ति हो, ब्रह्म में शान्ति हो। सर्वत्र शान्ति ही शान्ति व्याप्त हो।”
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
के.के. उपाध्याय
चैनल हेड, गुजरात प्रवासी न्यूज़
बलिया, उत्तर प्रदेश

